आरक्षित बोगियों में खाली सीटों का खेल! टीटी और कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप, यात्रियों ने उठाए सवाल
आरक्षित बोगियों में खाली सीटों का खेल! टीटी और कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप, यात्रियों ने उठाए सवाल
जनक्रांति कार्यालय से विशेष रिपोर्ट
यात्रियों का कहना है कि वेटिंग टिकट होने या बिना आरक्षण यात्रा कर रहे कुछ लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के बजाय मौके पर अतिरिक्त राशि लेकर सीट उपलब्ध कराई जाती है।
समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 10 जून, 2026)। भारतीय रेलवे में आरक्षित एसी और स्लीपर कोचों में खाली सीटों की अवैध बिक्री को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। यात्रियों का आरोप है कि कई ट्रेनों में आरक्षण चार्ट बनने के बाद खाली बची सीटों को नियमों के अनुरूप आवंटित करने के बजाय कुछ मामलों में टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) और बोगी में तैनात कर्मचारियों की मिलीभगत से नकद राशि लेकर यात्रियों को बैठाया जाता है।
यात्रियों का कहना है कि वेटिंग टिकट होने या बिना आरक्षण यात्रा कर रहे कुछ लोगों को निर्धारित प्रक्रिया के बजाय मौके पर अतिरिक्त राशि लेकर सीट उपलब्ध कराई जाती है। इससे उन यात्रियों में नाराजगी बढ़ती है जिन्होंने नियमों के अनुसार पहले से टिकट बुक कराया होता है।
रेलवे के नियमों के अनुसार चार्ट तैयार होने के बाद खाली रहने वाली सीटों का आवंटन टीटीई द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना चाहिए और इसके लिए जारी किए गए टिकट का रिकॉर्ड होना आवश्यक है। किसी भी प्रकार की नकद वसूली या अनधिकृत लेन-देन रेलवे नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
यात्रियों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि यदि कहीं ऐसी घटनाएं हो रही हैं तो रेलवे प्रशासन को विशेष जांच अभियान चलाकर दोषी कर्मचारियों और अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही आरक्षित सीटों के आवंटन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने की मांग भी उठ रही है।
रेलवे प्रशासन लगातार दावा करता है कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, लेकिन यात्रियों का सवाल है कि यदि आरक्षित बोगियों में खाली सीटों की अवैध बिक्री की शिकायतें सामने आती हैं तो उन पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है?
यात्रियों की मांग है कि रेलवे आरक्षित सीटों के आवंटन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाए, ताकि किसी भी प्रकार की मनमानी और अवैध वसूली की संभावना समाप्त हो सके।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

Comments