अनट्रेंड ट्रैफिक कर्मियों के भरोसे शहर की यातायात व्यवस्था, थानेश्वर पुल पर घंटों जाम से कराहती रही जनता
अनट्रेंड ट्रैफिक कर्मियों के भरोसे शहर की यातायात व्यवस्था, थानेश्वर पुल पर घंटों जाम से कराहती रही जनता
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
काली मंदिर मोड़ पर ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात होमगार्ड जवान की कार्यशैली पर उठे सवाल, पैदल राहगीरों से लेकर वाहन चालकों तक को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 17 जुलाई, 2026)। समस्तीपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के दावों के बीच शुक्रवार को थानेश्वर पुल से काली मंदिर जाने वाले मार्ग पर अव्यवस्थित ट्रैफिक प्रबंधन के कारण भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक ड्यूटी में तैनात होमगार्ड जवान द्वारा यातायात का समुचित संचालन नहीं किए जाने के कारण कुछ ही मिनटों में सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और पूरा इलाका जाम की चपेट में आ गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रैफिक कर्मी द्वारा एक साथ कई दिशाओं से वाहनों को छोड़ने और समय पर यातायात नियंत्रित नहीं करने के कारण सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। जाम इतना गंभीर था कि दोपहिया एवं चारपहिया वाहनों के साथ-साथ पैदल चलने वाले लोग, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं भी लंबे समय तक जाम में फंसे रहे। कई लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी देर हुई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के व्यस्त और संवेदनशील चौराहों पर बिना पर्याप्त प्रशिक्षण वाले कर्मियों की तैनाती से यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। लोगों का आरोप है कि ट्रैफिक संचालन की तकनीकी जानकारी और अनुभव के अभाव में स्थिति संभालने के बजाय और अधिक बिगड़ जाती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
क्षेत्र के दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि थानेश्वर पुल और काली मंदिर मोड़ शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग है, जहां दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। इसके बावजूद यहां ट्रैफिक प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था नहीं दिखती। नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशिक्षित ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए और नियमित निगरानी रखी जाए तो इस तरह की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
शहरवासियों ने जिला प्रशासन, पुलिस अधीक्षक एवं यातायात पुलिस से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यातायात व्यवस्था की समीक्षा की जाए। साथ ही व्यस्त चौराहों पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए ताकि आम लोगों को रोज-रोज जाम की समस्या से राहत मिल सके।
जनक्रांति का सवाल: जब शहर के सबसे व्यस्त चौराहों पर यातायात संचालन की जिम्मेदारी दी जाती है, तो क्या संबंधित कर्मियों को पर्याप्त प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं? यदि नहीं, तो इसकी कीमत आखिर आम जनता कब तक चुकाती रहेगी?
(समाचार में वर्णित आरोप स्थानीय नागरिकों एवं प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित यातायात पुलिस अथवा प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।)
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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