शिकायतकर्ता को धमकाने का आरोप, डीएमसी एक्ट की धाराओं के तहत नोटिस के बावजूद जवाब नहीं देने का दावा

शिकायतकर्ता को धमकाने का आरोप, डीएमसी एक्ट की धाराओं के तहत नोटिस के बावजूद जवाब नहीं देने का दावा

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
अवैध निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच की मांग, स्वतंत्रता सेनानी परिवार के वरिष्ठ नागरिक ने पुलिस व गृह मंत्रालय से लगाई सुरक्षा की गुहार

नई दिल्ली,भारत (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 26 जुलाई, 2026)। सागरपुर थाना क्षेत्र के मोहन नगर मेन गली, नजदीक ब्रह्मपुरी, स्थित डब्ल्यूजेड-72/7 में बिना स्वीकृत नक्शे के कथित रूप से सात मंजिला इमारत का निर्माण कराने के मामले में संपत्ति मालिक अश्विनी कुमार के खिलाफ दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 की धारा 344(1) और 343 के तहत नोटिस जारी किए जाने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नोटिस का 15 दिनों के भीतर जवाब देने के बजाय उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और अदालत में लंबित मामलों को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
नागरिक अधिकार चेतना परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं स्वतंत्रता सेनानी परिवार के वरिष्ठ नागरिक सदस्य जगदीश सक्सेना ने आरोप लगाया कि उन्हें धमकी देने वाले लोगों के खिलाफ सागरपुर थाना प्रभारी, नगर निगम उपायुक्त, पुलिस आयुक्त और दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस अधिकारियों से जान-माल की सुरक्षा की मांग की गई है।
सक्सेना का आरोप है कि कथित अवैध निर्माण के संबंध में नगर निगम को जवाब देने के बजाय कुछ लोग उनके खिलाफ चल रहे मामलों को वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिजली मीटर में कथित रूप से छेड़छाड़ कर नियमों के विरुद्ध प्रति यूनिट 8 रुपये की दर से बिजली तथा 200 रुपये पानी शुल्क वसूला जाता रहा। इस संबंध में किराये और भुगतान से जुड़े लिखित साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत करने के साथ-साथ गृह मंत्रालय, पुलिस और सीबीआई के समक्ष भी शिकायतें देने का दावा किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि पुलिस की जांच रिपोर्ट में शिकायतकर्ता को बिना किराया अदा किए मकान खाली करने वाला बताया गया, जबकि शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि किराये की राशि से संबंधित दस्तावेज अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
स्वतंत्रता सेनानी जनशक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लेखिका रितू शर्मा ने आरोप लगाया कि 7 नवंबर 2025 को जगदीश सक्सेना के खिलाफ सागरपुर थाने में कथित रूप से झूठी और मनगढ़ंत शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस अधिकारी रोहित कुमार द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सहायक आयुक्त की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि नीतू कुमारी ने पुलिस कंट्रोल रूम नंबर 112 पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसकी प्रति जगदीश सक्सेना को उपलब्ध नहीं कराई गई। शिकायतकर्ता पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पर्स से कथित रूप से हुई चोरी से जुड़े साक्ष्यों को नष्ट करने में पुलिस की भूमिका रही।
रितू शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकारी पदों पर नियुक्त लोगों द्वारा निजी रोजगार किए जाने के संबंध में नियमों की अनदेखी की गई और कुछ अधिकारियों ने कथित रूप से अपने पद का दुरुपयोग किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से जुड़े अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।
उन्होंने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच होनी चाहिए। उनका दावा है कि यदि भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाए और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, तो यह भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
नोट: प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित पक्षों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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