रक्षाबंधन 28 अगस्त को, भद्रा से मुक्त रहेगा पर्व; सुबह 5:39 से 8:52 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

रक्षाबंधन 28 अगस्त को, भद्रा से मुक्त रहेगा पर्व; सुबह 5:39 से 8:52 बजे तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

जनक्रांति कार्यालय से पंकज झा शास्त्री 
मिथिला क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार 27 अगस्त सुबह 8:39 बजे से शुरू होगी पूर्णिमा, 28 अगस्त सुबह 9:26 बजे तक रहेगी; बुधादित्य योग और शतभिषा नक्षत्र का भी बन रहा संयोग

मधुबनी,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 27 अगस्त, 2026)। भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पावन पर्व रक्षाबंधन इस वर्ष 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय दृष्टि से इस बार रक्षाबंधन को विशेष शुभ माना जा रहा है। पर्व के दिन भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा, वहीं बुधादित्य योग और शतभिषा नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है।
स्टेशन चौक स्थित हनुमान प्रेम मंदिर के पुजारी पंडित पंकज झा शास्त्री ने बताया कि मिथिला क्षेत्रीय पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर 28 अगस्त को सुबह 9 बजकर 26 मिनट तक रहेगी।
उन्होंने बताया कि 28 अगस्त को सूर्योदय से लेकर सुबह 8 बजकर 52 मिनट तक राखी बांधने का समय अत्यंत शुभ और श्रेष्ठ रहेगा। इस दौरान बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना कर सकेंगी।
पंडित पंकज झा शास्त्री के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन सूर्य अपनी राशि सिंह में रहेंगे। इसके साथ ही बुधादित्य योग और शतभिषा नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जिसे धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से मंगलकारी माना जाता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 28 अगस्त को होने वाला चंद्र ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं होगा, इसलिए भारत में इस ग्रहण का सूतक मान्य नहीं रहेगा।
ऐसे में इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व शुभ संयोगों के बीच मनाया जाएगा और भाई-बहन के पवित्र प्रेम का यह त्योहार श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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