छठे दिन भी सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, शहर में जगह-जगह कचरे का अंबार
छठे दिन भी सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, शहर में जगह-जगह कचरे का अंबार
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
स्थायीकरण, न्यूनतम वेतन और ठेका प्रथा समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज, सफाई व्यवस्था ठप होने से लोगों की बढ़ी परेशानी
समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 04 अगस्त 2026)। बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लॉइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर समस्तीपुर नगर निगम के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को छठे दिन भी जारी रही। सफाई कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर भवन से जुलूस निकालकर पटेल गोलंबर, जिला समाहरणालय, अनुमंडल कार्यालय और बस स्टैंड होते हुए नगर निगम कार्यालय पहुंचकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन और धरना दिया।
संघ के अध्यक्ष राजकुमार, सम्मानित अध्यक्ष एवं एक्टू राज्य परिषद सदस्य जीवछ पासवान, बिहार राज्य अनुरक्षक संघ के जिला अध्यक्ष जितेंद्र कुमार कुशवाहा समेत अन्य नेताओं ने दावा किया कि समस्तीपुर सहित पूरे बिहार में हड़ताल सफल रही।
सफाई कर्मियों की प्रमुख मांगों में दैनिक कर्मियों का स्थायीकरण, न्यूनतम वेतन लागू करना, आउटसोर्सिंग और ठेका प्रथा समाप्त करना, संविदा कर्मियों को नगर निगम कर्मियों का दर्जा देना, एसीपी एवं एमएसीपी लागू करना तथा बकाया राशि का भुगतान शामिल है।
हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आरएसबी इंटर कॉलेज रोड, कचहरी रोड, भोला टॉकीज चौक, जिला परिषद कार्यालय के सामने और काशीपुर समेत कई प्रमुख इलाकों में कचरे का ढेर लग गया है। नियमित सफाई नहीं होने से सड़कों पर गंदगी फैल रही है और लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क किनारे जमा कचरे पर आवारा पशु पहुंचकर उसे इधर-उधर बिखेर रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दिनों से सफाई व्यवस्था ठप रहने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है।
नागरिकों ने बिहार सरकार और नगर निगम प्रशासन से सफाई कर्मियों की मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर हड़ताल समाप्त कराने तथा शहर की नियमित सफाई व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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