बिना वीजक के धड़ल्ले से हो रही थोक खरीद-बिक्री, जीएसटी चोरी की आशंका

बिना वीजक के धड़ल्ले से हो रही थोक खरीद-बिक्री, जीएसटी चोरी की आशंका

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
नियमों को ताक पर रखकर कारोबार का आरोप; बिना बिल के लेन-देन से सरकार को राजस्व नुकसान की आशंका, जांच की उठी मांग

समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 16 अगस्त, 2026)। जिले में थोक स्तर पर खरीद-बिक्री के कारोबार में बिना वीजक यानी बिल के लेन-देन किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कई थोक क्रेता और विक्रेता कथित रूप से बिना वैध वीजक के ही बड़े पैमाने पर सामान की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि कहीं बिना बिल के कारोबार की आड़ में सरकार को मिलने वाले जीएसटी राजस्व की चोरी तो नहीं की जा रही है।
स्थानीय स्तर पर कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि सामान की खरीद-बिक्री के दौरान विधिवत बिल उपलब्ध नहीं कराया जाता है। यदि ये आरोप सही हैं, तो इससे न केवल कर व्यवस्था की पारदर्शिता प्रभावित होती है, बल्कि सरकार को राजस्व का नुकसान भी हो सकता है।
बिना वीजक के होने वाले कारोबार का वास्तविक टर्नओवर और उस पर देय कर का आकलन करना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में यह भी जांच का विषय है कि संबंधित कारोबारी जीएसटी के दायरे में हैं या नहीं और यदि हैं तो क्या उनके द्वारा बिक्री के अनुरूप जीएसटी का सही भुगतान किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित वाणिज्य कर/जीएसटी विभाग से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। मांग की गई है कि थोक बाजारों में खरीद-बिक्री से संबंधित बिल, स्टॉक और जीएसटी रिकॉर्ड की जांच की जाए तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
हालांकि, बिना वीजक कारोबार और जीएसटी चोरी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए पूरे मामले में विभागीय जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस तरह के कथित बिना बिल वाले कारोबार पर क्या कार्रवाई करता है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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