राजीव गांधी हत्याकांड से जुड़े कथित साक्ष्यों और जांच प्रक्रिया पर रितू शर्मा ने उठाए सवाल
राजीव गांधी हत्याकांड से जुड़े कथित साक्ष्यों और जांच प्रक्रिया पर रितू शर्मा ने उठाए सवाल
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
स्वतंत्रता सेनानी जन शक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सीबीआई की जांच, आरटीआई प्रकरण और विभिन्न कथित साक्ष्यों की निष्पक्ष समीक्षा की मांग की
नई दिल्ली, भारत (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन इंडिया जनक्रांति कार्यालय न्यूज़ डेस्क 21 अगस्त, 2026)। स्वतंत्रता सेनानी जन शक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष रितू शर्मा ने राजीव गांधी हत्याकांड से जुड़े विभिन्न कथित दस्तावेजों, शिकायतों और जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित शिकायतों पर अब तक हुई कार्रवाई, सीबीआई की जांच की प्रगति तथा आरटीआई के माध्यम से मांगी गई सूचनाओं को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
रितू शर्मा ने अपने बयान में नागरिक अधिकार चेतना परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं शिकायतकर्ता जगदीश सक्सेना द्वारा वर्ष 2010 से राजीव गांधी हत्याकांड से संबंधित कथित साक्ष्यों के आधार पर शिकायतें किए जाने का उल्लेख किया। उनके अनुसार, वर्ष 2020 में सीबीआई के तत्कालीन डीएसपी परवीन कुमार ने शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किए थे और बाद में सीबीआई की ओर से शिकायत पर संज्ञान लिए जाने संबंधी पत्राचार भी किया गया।
उन्होंने दावा किया कि बयान दर्ज होने के बावजूद मामले में गवाहियों और जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से कई सवाल उठते हैं। रितू शर्मा ने तत्कालीन सीबीआई अधिकारी परवीन कुमार के वर्ष 2022 में पद से इस्तीफा देने के संदर्भ में भी स्पष्टीकरण की मांग की है। हालांकि, इस्तीफे के कारणों अथवा किसी दबाव या आर्थिक अनियमितता से संबंधित आरोपों के संबंध में स्वतंत्र एवं प्रमाणित तथ्य सामने आना आवश्यक है।
रितू शर्मा ने आरटीआई के माध्यम से मांगी गई सूचनाओं, सूचना के अधिकार अधिनियम की धारा 24 के तहत सूचना रोके जाने तथा केंद्रीय सूचना आयोग में दायर द्वितीय अपील का भी उल्लेख किया। उनका आरोप है कि 19 नवंबर 2024 की सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में सीबीआई के एक अधिकारी की उपस्थिति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय में की गई कथित शिकायतों और उन पर हुई कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए तथा संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण की पारदर्शी समीक्षा की मांग की।
बयान में राजीव गांधी की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ व्यक्तियों, जैन आयोग की कार्यवाही, विभिन्न राजनीतिक व्यक्तियों एवं पत्रकारों से संबंधित कई अन्य दावों और प्रश्नों का भी उल्लेख किया गया है। इन सभी आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है और संबंधित व्यक्तियों अथवा संस्थाओं का पक्ष सामने आने के बाद ही इनके संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
रितू शर्मा ने केंद्र सरकार से मांग की कि राजीव गांधी हत्याकांड से जुड़े उनके द्वारा उठाए गए सभी सवालों और कथित दस्तावेजी साक्ष्यों की निष्पक्ष, स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच कराई जाए तथा यदि किसी स्तर पर कानून का उल्लंघन या जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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