गढ्ढें में तब्दील कचहरी रोड से लखना चौक तक की सड़क, हादसों को दे रही दावत

गढ्ढें में तब्दील कचहरी रोड से लखना चौक तक की सड़क, हादसों को दे रही दावत

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
पटेल मैदान के पीछे से गर्ल्स हाई स्कूल और लखना चौक को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क की बदहाल तस्वीर; रोजाना हजारों वाहन गुजरने के बावजूद जिम्मेदारों की नजरें क्यों हैं बंद..?

समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 26 अगस्त, 2026)। समस्तीपुर शहर में विकास और बेहतर यातायात व्यवस्था के दावों के बीच एक ऐसी सड़क है, जहां सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। कचहरी रोड से पटेल मैदान के पीछे होते हुए गर्ल्स हाई स्कूल के रास्ते को जोड़ने वाली तथा आगे लखना चौक स्थित महावीर मंदिर के पास निकलने वाली यह महत्वपूर्ण सड़क लंबे समय से बदहाली का शिकार है।
सड़क की स्थिति ऐसी हो चुकी है कि वाहन चालकों को यह समझना मुश्किल हो जाता है कि वे सड़क पर चल रहे हैं या गड्ढों के बीच रास्ता तलाश रहे हैं। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे, टूटी सड़क और उखड़ी हुई सतह दोपहिया वाहन चालकों के लिए खास तौर पर परेशानी का कारण बनी हुई है।

रोजाना हजारों वाहनों का आवागमन

यह कोई सुनसान या गांव की छोटी सड़क नहीं है। कचहरी रोड से जुड़ी होने के कारण इस मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन होता है। आम लोगों के साथ-साथ आसपास के कार्यालयों, स्कूलों और बाजारों की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी यह सड़क महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।
सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को मजबूरी में गड्ढों से बचते हुए इधर-उधर होकर गुजरना पड़ता है। इस दौरान अचानक सामने आए गड्ढे या दूसरे वाहन से बचने के प्रयास में छोटी-मोटी दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
कब होगा जिम्मेदारों का ध्यान..?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस सड़क से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं, उसकी बदहाली जिम्मेदार विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को क्यों दिखाई नहीं देती..?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पटेल मैदान के पीछे की यह सड़क समाहरणालय के पीछे से होकर गुजरती है। इस मार्ग से अधिकारियों के वाहन भी नियमित रूप से गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की हालत में सुधार नहीं होना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अगर आम लोगों को इस सड़क पर गड्ढों से होकर गुजरने में परेशानी होती है, तो क्या जिम्मेदार अधिकारियों को भी इस सड़क की स्थिति का एहसास नहीं होता..?

सड़क के साथ नाले की हालत भी बदतर

सिर्फ सड़क ही नहीं, इसके किनारे बने नाले की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। नाले की बदहाली के कारण जलनिकासी की समस्या उत्पन्न होने की आशंका बनी रहती है। सड़क और नाले की स्थिति एक-दूसरे से जुड़ी हुई है, ऐसे में केवल सड़क की मरम्मत कर देना पर्याप्त नहीं होगा।
जरूरत इस बात की है कि सड़क की वास्तविक स्थिति का तकनीकी निरीक्षण कराया जाए, नाले की सफाई और मरम्मत हो तथा जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

जनता पूछ रही है—आखिर कब बनेगी सड़क..?

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत को लेकर कई बार ध्यान दिलाया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। कहीं-कहीं मरम्मत के नाम पर काम हुआ भी तो वह लंबे समय तक टिक नहीं पाया।
लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या को तत्काल गंभीरता से लेते हुए केवल गड्ढों में मिट्टी या ईंट डालकर खानापूर्ति करने के बजाय गुणवत्तापूर्ण तरीके से सड़क का निर्माण या पुनर्निर्माण कराया जाना चाहिए।
हादसा होने के बाद जागेगा प्रशासन?
जनता का सवाल बिल्कुल सीधा है—क्या किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है..?
जब किसी सड़क पर रोजाना हजारों वाहनों की आवाजाही हो और वहां लगातार गड्ढे बने हों, तो वह केवल असुविधा नहीं बल्कि सड़क सुरक्षा का गंभीर मुद्दा है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों और बुजुर्गों के लिए यह रास्ता जोखिम भरा साबित हो सकता है।
प्रशासन और संबंधित विभाग को चाहिए कि इस सड़क की तत्काल जांच कराकर गड्ढों की मरम्मत, सड़क का समुचित निर्माण और नाले की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए।
जनता को आश्वासन नहीं, अब सड़क चाहिए।
कचहरी रोड से पटेल मैदान के पीछे होते हुए गर्ल्स हाई स्कूल और लखना चौक को जोड़ने वाला यह मार्ग शहर के महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में से एक है। इसकी बदहाली को नजरअंदाज करना हजारों राहगीरों की परेशानी और सुरक्षा से आंखें मूंदने जैसा है।
अब सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और कब इस सड़क को गड्ढों से निकालकर एक सुरक्षित और सुगम मार्ग में तब्दील किया जाएगा..?
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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