समस्तीपुर में वक्फ की जमीन पर बड़ा सवाल: अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर का आरोप

समस्तीपुर में वक्फ की जमीन पर बड़ा सवाल: अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर का आरोप

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
खाता-खेसरा संख्या 618-619 को लेकर विवाद, मामला न्यायालय में लंबित होने की बात; वक्फ संपत्ति की स्थिति पर प्रशासन और बोर्ड से जवाब की मांग

समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 29 अगस्त, 2026)। समस्तीपुर में वक्फ संपत्ति से जुड़े एक पुराने और गंभीर विवाद ने एक बार फिर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला अब्दुल गफ्फार मुसाफिर खाना से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां स्थानीय स्तर पर वक्फ संपत्ति के रिकॉर्ड में कथित तौर पर रद्दोबदल किए जाने और भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही हैं।
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस संपत्ति से संबंधित कुछ भूमि का खाता-खेसरा संख्या 618-619 बताया जा रहा है। हालांकि इन खाता-खेसरा नंबरों तथा संपत्ति की वास्तविक वक्फ स्थिति की आधिकारिक पुष्टि संबंधित राजस्व एवं वक्फ अभिलेखों से किया जाना आवश्यक है।
वक्फ बोर्ड की भूमिका पर उठ रहे सवाल
सबसे गंभीर आरोप यह है कि अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना से संबंधित भूमि के रिकॉर्ड में कथित रद्दोबदल वक्फ बोर्ड की मिलीभगत से हुआ। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
यदि जांच में रिकॉर्ड में किसी प्रकार का अवैध परिवर्तन या वक्फ संपत्ति के स्वरूप में अनधिकृत बदलाव प्रमाणित होता है, तो यह बेहद गंभीर मामला हो सकता है।
सवाल यह भी है कि यदि संपत्ति वास्तव में वक्फ के रूप में दर्ज है, तो उसकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले संबंधित अधिकारियों ने भूमि की वर्तमान स्थिति की निगरानी क्यों नहीं की..?
न्यायालय में मामला लंबित होने की सूचना
स्थानीय स्तर पर यह भी बताया जा रहा है कि उक्त भूमि से संबंधित विवाद न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसी स्थिति में न्यायालय के अंतिम निर्णय से पहले किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम सत्य मानना उचित नहीं होगा।
लेकिन यदि मुकदमा लंबित है और विवादित भूमि पर निर्माण, कब्जा, खरीद-बिक्री अथवा रिकॉर्ड में परिवर्तन जैसे आरोप हैं, तो संबंधित प्रशासनिक एवं वक्फ अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे न्यायालयीन स्थिति और राजस्व अभिलेखों के अनुरूप भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें।
618-619 की जमीन आखिर किसकी..?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि खाता-खेसरा संख्या 618-619 की भूमि का वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड क्या कहता है..?
क्या यह भूमि वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है..?
यदि हां, तो वक्फ रजिस्टर में इसका विवरण क्या है..?
क्या अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना इसी भूमि से संबंधित है..?
क्या जमीन के जमाबंदी और अन्य राजस्व अभिलेखों में कोई परिवर्तन किया गया..?
और यदि परिवर्तन हुआ तो वह किस आदेश और किस प्रक्रिया के तहत हुआ..?
इन सवालों का जवाब राजस्व विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित वक्फ बोर्ड के आधिकारिक रिकॉर्ड से ही स्पष्ट हो सकता है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर मांग उठ रही है कि प्रशासन पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए। जांच के दौरान पुराने वक्फ रिकॉर्ड, रजिस्टर, खाता-खेसरा, जमाबंदी, नक्शा, भूमि की वर्तमान स्थिति तथा न्यायालय में चल रहे मुकदमे से संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाए।
यदि रिकॉर्ड में किसी प्रकार की अनियमितता, फर्जीवाड़ा या अवैध कब्जा प्रमाणित होता है तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं यदि लगाए जा रहे आरोप गलत पाए जाते हैं तो प्रशासन और वक्फ बोर्ड को भी आधिकारिक दस्तावेजों के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
बड़ा सवाल—मौन क्यों..?
वक्फ संपत्ति को लेकर विवाद यदि वर्षों से चल रहा है और मामला न्यायालय में भी विचाराधीन है, तो फिर संबंधित विभागों की ओर से इसकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही..?
क्या अब्दुल गफ्फार मुसाफिरखाना की भूमि का रिकॉर्ड सही है..?
क्या खाता-खेसरा 618-619 वास्तव में वक्फ संपत्ति से संबंधित है..?
क्या रिकॉर्ड में कोई रद्दोबदल हुआ है..?
यदि हुआ है तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है..?
और सबसे महत्वपूर्ण—
अगर वक्फ की संपत्ति पर कब्जे या रिकॉर्ड में हेरफेर का आरोप सही है, तो कार्रवाई कब होगी..?
जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन इस पूरे मामले में संबंधित वक्फ बोर्ड, जिला प्रशासन और राजस्व विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।
यह रिपोर्ट उपलब्ध स्थानीय सूचनाओं और लगाए गए आरोपों के आधार पर तैयार की गई है। आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि तथा न्यायालय के अंतिम निर्णय को ही अंतिम तथ्य माना जाएगा।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

Comments