स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और न्याय पर उठे सवाल, रितू शर्मा ने व्यवस्था पर साधा निशाना

स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और न्याय पर उठे सवाल, रितू शर्मा ने व्यवस्था पर साधा निशाना

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
राष्ट्रीय अध्यक्ष रितू शर्मा का आरोप—देश सुधारने की बात करने वालों को पहले स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के सम्मान और नागरिक अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए

नई दिल्ली,भारत ( जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 11 अगस्त, 2026)। स्वतंत्रता सेनानी जन शक्ति पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष, रिपोर्टर एवं लेखिका रितू शर्मा ने स्वतंत्रता सेनानी परिवारों के वरिष्ठ नागरिक सदस्यों के सम्मान, नागरिक अधिकारों और कथित भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश और समाज में सुधार की बात करने वाले सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों को सबसे पहले उन परिवारों के सम्मान और अधिकारों के लिए आवाज उठानी चाहिए, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के संघर्ष में योगदान दिया है।
रितू शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी परिवार से जुड़े वरिष्ठ नागरिक एवं नागरिक अधिकार चेतना परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सक्सेना वर्ष 1974 से भ्रष्टाचार और कथित सांप्रदायिक तत्वों के खिलाफ लेखन एवं सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी आवाज उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, सक्सेना के सम्मान और उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग लंबे समय से उठती रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जगदीश सक्सेना द्वारा विभिन्न स्तरों पर की गई शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही शिकायतें करने का आदी बताया गया। रितू शर्मा ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
रितू शर्मा ने कहा कि यदि किसी शिकायत या मामले में भ्रष्टाचार अथवा अनियमितता के आरोप हैं, तो उनकी जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उन्होंने गृह मंत्रालय से संबंधित शिकायतों की सीबीआई जांच कराने की मांग भी दोहराई।
उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के साथ उसकी सामाजिक या जातीय पहचान के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। रितू शर्मा ने सवाल उठाया कि जो लोग कायस्थ और ब्राह्मण समाज की एकजुटता की बात करते हैं, उनमें से कितने लोगों ने जगदीश सक्सेना जैसे स्वतंत्रता सेनानी परिवार से जुड़े वरिष्ठ नागरिक के संघर्ष में तन, मन और धन से सहयोग किया है?
रितू शर्मा ने मांग की कि पूरे प्रकरण की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि आरोपों की वास्तविकता सामने आ सके और यदि किसी स्तर पर भ्रष्टाचार या कानून का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो।
उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, नागरिक अधिकार और स्वतंत्रता सेनानी परिवारों का सम्मान केवल भाषणों और नारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरत के समय उनके साथ खड़ा होना ही वास्तविक सामाजिक जिम्मेदारी है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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