समस्तीपुर नगर निगम में खरीदारी पर उठे सवाल, डस्टबिन से लेकर शिलापट्ट तक ‘घोटाले की बू’!

समस्तीपुर नगर निगम में खरीदारी पर उठे सवाल, डस्टबिन से लेकर शिलापट्ट तक ‘घोटाले की बू’!

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
पुराने डस्टबिन की नई कहानी: नगर परिषद् के समय हुई खरीद, नगर निगम बनने के बाद वितरण—आखिर किसके इशारे पर..?

समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 15 अगस्त, 2026)। समस्तीपुर नगर निगम में विभिन्न सामग्रियों की खरीद और उनके वितरण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि नगर परिषद् के कार्यकाल में खरीदे गए डस्टबिन का वितरण नगर निगम बनने के बाद किया गया। इतना ही नहीं, पिछले वर्ष खरीदे गए डस्टबिन भी कई जगहों पर आधे-आधे घरों में बांटे जाने की बात सामने आ रही है।

स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहा है कि जब खरीद नगर परिषद् के समय हुई थी, तो उसका पूरा रिकॉर्ड, स्टॉक और वितरण व्यवस्था क्या थी? खरीदी गई सामग्री की वास्तविक संख्या कितनी थी और कितने डस्टबिन किस-किस वार्ड में वितरित किए गए—इन तमाम बिंदुओं पर पारदर्शिता जरूरी है।

बोर्ड और शिलापट्ट पर भी सवाल

नगर निगम क्षेत्र में योजनाओं से संबंधित बोर्ड और शिलापट्ट लगाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर बोर्ड के नाम पर भी भारी राशि खर्च की गई, लेकिन उसकी गुणवत्ता, संख्या और वास्तविक खर्च का सार्वजनिक हिसाब स्पष्ट नहीं है।

वहीं, विजय कुमार सिन्हा माननीय मंत्री के नाम से लगे शिलापट्टों को लेकर भी चर्चा तेज है। आरोप है कि कई जगह नाला-सह-सड़क योजनाओं के शिलापट्ट उद्घाटन से पहले ही लगा दिए गए। सवाल यह है कि यदि योजना का विधिवत उद्घाटन ही नहीं हुआ, तो शिलापट्ट लगाने की इतनी जल्दबाजी क्यों?

जनता मांग रही है हिसाब

नगर निगम की खरीदारी और विकास योजनाओं में यदि सब कुछ नियमों के अनुरूप हुआ है, तो खरीद की निविदा, बिल, भुगतान, स्टॉक रजिस्टर, वितरण सूची और योजना से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने में किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

जनता का सीधा सवाल है—डस्टबिन कितने खरीदे गए, कितने वितरित हुए, किस दर पर खरीदे गए और भुगतान किसे किया गया? बोर्ड और शिलापट्ट पर कितना खर्च हुआ?

इन सवालों का जवाब नगर निगम प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को दस्तावेजों के साथ देना चाहिए। क्योंकि जनता के पैसे से होने वाली हर खरीद और हर विकास कार्य का हिसाब जनता को जानने का अधिकार है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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