राजघाट पुल निर्माण में तेजी लाने की मांग, जल्द आम जनता के लिए खोलने की अपील
राजघाट पुल निर्माण में तेजी लाने की मांग, जल्द आम जनता के लिए खोलने की अपील
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
पुल निर्माण में देरी से ग्रामीणों में निराशा, नाव के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं हजारों लोग
समस्तीपुर,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 30 अगस्त 2026)। समस्तीपुर प्रखंड के राजघाट, हकीमाबाद और नागरबस्ती के बीच बूढ़ी गंडक नदी पर निर्माणाधीन पुल का कार्य धीमी गति से चलने को लेकर क्षेत्रवासियों में नाराजगी और निराशा है। स्थानीय लोगों ने पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने तथा गुणवत्ता के मानकों का पालन करते हुए इसे जल्द से जल्द पूरा कर आम जनता के लिए खोलने की मांग की है।
यह पुल समस्तीपुर, उजियारपुर, दलसिंहसराय, विद्यापतिनगर, विभूतिपुर, रोसड़ा, बछवाड़ा, तेघड़ा और बरौनी सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। पुल के निर्माण से खानपुर, शिवाजीनगर, वारिसनगर, दरभंगा और बहेड़ी की ओर आने-जाने वाले हजारों लोगों को सीधी और सुगम यातायात सुविधा मिलेगी। साथ ही, बेगूसराय और दरभंगा के बीच की दूरी भी काफी कम होने की उम्मीद है।
वर्तमान में पुल का निर्माण पूरा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण नाव से आवागमन और भी जोखिमपूर्ण हो जाता है। इससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि पुल निर्माण की स्वीकृति के लिए विधानसभा में कई बार मामला उठाया गया। इसके अलावा विभागीय मंत्री से मुलाकात कर मांग रखी गई तथा मुख्यमंत्री से भी पुल निर्माण के संबंध में आग्रह किया गया था। प्रयासों के बाद पुल को स्वीकृति मिली और निर्माण कार्य शुरू हुआ।
अब बिहार सरकार से मांग की गई है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता किए बिना इसकी गति बढ़ाई जाए और पुल का निर्माण जल्द पूरा कर इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाए।
साथ ही, जिला प्रशासन से भी इस मामले में आवश्यक और अपेक्षित पहल करते हुए निर्माण कार्य की प्रगति पर ध्यान देने की मांग की गई है, ताकि क्षेत्र के लोगों को जल्द से जल्द इस महत्वपूर्ण पुल का लाभ मिल सके।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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