कैथी कार्तिक स्थान में पंचदेव की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना, भक्तों में उत्साह

कैथी कार्तिक स्थान में पंचदेव की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना, भक्तों में उत्साह

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
1936 से आयोजित हो रहा है चार दिवसीय कार्तिक मेला, अश्लील भोजपुरी गीतों पर मेला समिति ने लगाई रोक

खगड़िया/चौथम, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यक्रम न्यूज़ डेस्क 18 अगस्त, 2026)। चौथम प्रखंड के कैथी गांव स्थित ऐतिहासिक कार्तिक बाबा मंदिर परिसर में मंगलवार को भगवान कार्तिकेय सहित पंचदेव की पत्थर की प्रतिमाओं की विधिवत स्थापना की गई। मंदिर के अंदर भगवान कार्तिकेय, भगवान भोलेनाथ, भगवान गणेश, माता पार्वती एवं माता सरस्वती की प्रतिमाओं की स्थापना धार्मिक विधि-विधान के साथ की जा रही है। प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखा गया।
बताया गया कि कैथी गांव में वर्ष 1936 ईस्वी से कार्तिक मेले का आयोजन होता आ रहा है। प्रत्येक वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर यहां चार दिवसीय भव्य मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
मेला समिति के अध्यक्ष रहे स्वर्गीय जगमोहन सिंह के निधन के बाद मध्य वरुणय पंचायत के उपमुखिया मुकेश कुमार सिंह वर्तमान में मेला समिति के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उपमुखिया मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि पिछले करीब पांच वर्षों से मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान अश्लील भोजपुरी गीतों पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। मेला समिति के सभी सदस्यों ने स्पष्ट रूप से निर्णय लिया है कि मेले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखते हुए किसी भी प्रकार के अश्लील भोजपुरी गीत नहीं बजाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि मंदिर में स्थापित की जा रही सभी कीमती पत्थर की प्रतिमाएं कैथी गांव के निवासी रहे डॉक्टर शंभु सिंह के नाती, जो वर्तमान में बीहट, बेगूसराय के रहने वाले हैं, ने अपनी ओर से भेंट की हैं। इन प्रतिमाओं की अनुमानित कीमत करीब पांच लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
प्रतिमाओं के दान और स्थापना को लेकर ग्रामीणों ने दानदाता परिवार के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं ने भगवान कार्तिकेय से प्रार्थना की कि दानदाता परिवार पर सदैव अपनी कृपा बनाए रखें तथा गांव में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
समस्तीपुर जनक्रांति कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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