रामफल मंडल को शहीद का दर्जा कब? अनशन के बीच सोशल मीडिया पर तेज हुई सम्मान की मांग
रामफल मंडल को शहीद का दर्जा कब? अनशन के बीच सोशल मीडिया पर तेज हुई सम्मान की मांग
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
गर्दनीबाग में युवाओं का अनशन जारी, सोशल मीडिया वीडियो के जरिए सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील
पटना, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 26 अगस्त, 2026)। अमर स्वतंत्रता सेनानी रामफल मंडल को शहीद का दर्जा देने की मांग अब पटना के गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल से लेकर सोशल मीडिया तक जोर पकड़ने लगी है। रामफल मंडल के सम्मान को लेकर बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके माध्यम से लोग इस मांग के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं और सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील कर रहे हैं।
फिल्मकार एन मंडल ने इससे पहले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर और वीडियो संदेश के माध्यम से 23 अगस्त 2026 तक रामफल मंडल को शहीद का दर्जा देने की मांग की थी। निर्धारित समय तक मांग पूरी नहीं होने के बाद धानुक समाज के युवाओं ने पटना के गर्दनीबाग में अनशन शुरू कर दिया।
फिलहाल जुगनू मंडल, राजेश मंडल, आदित्य मंडल और मुरारी मंडल अनशन पर बैठे हैं। प्रशासन की ओर से अनशनकारियों से बातचीत भी की गई है, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मांग को लेकर कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
एन मंडल का कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल या व्यक्ति के विरोध में नहीं, बल्कि एक वीर स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान और उनके बलिदान को उचित पहचान दिलाने के लिए है। उनका कहना है कि रामफल मंडल के योगदान को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से आश्वासन दिए जाने, जनप्रतिनिधियों द्वारा उनके योगदान को सम्मान दिए जाने, डाक टिकट जारी होने, विभिन्न स्थानों पर प्रतिमाएं स्थापित होने और अलग-अलग जगहों पर शहीद दिवस मनाए जाने के बावजूद उन्हें आधिकारिक रूप से शहीद का दर्जा दिए जाने का निर्णय अब तक नहीं हुआ है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि रामफल मंडल के बलिदान और योगदान को उचित सम्मान मिलना चाहिए। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो के माध्यम से बिहार समेत देशभर के लोगों से अपील की जा रही है कि यदि वे भी रामफल मंडल के सम्मान के पक्ष में हैं, तो वीडियो को अधिक से अधिक साझा कर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाएं।
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि सरकार रामफल मंडल के सम्मान को लेकर जल्द सकारात्मक और ठोस निर्णय ले तथा अनशन पर बैठे युवाओं की मांग का सम्मानजनक समाधान निकाले।
फिलहाल इस पूरे आंदोलन के बीच एक सवाल सोशल मीडिया से लेकर धरनास्थल तक लगातार गूंज रहा है—
“रामफल मंडल को शहीद का दर्जा कब?”
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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