भाकपा माले मिथिला जोन की बैठक में संगठन मजबूती और छात्र-युवा संसद की तैयारी पर जोर
भाकपा माले मिथिला जोन की बैठक में संगठन मजबूती और छात्र-युवा संसद की तैयारी पर जोर
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
भूमिहीनों को जमीन और सरकारी जमीन पर बसे गरीब परिवारों को बासगीत पर्चा दिलाने के लिए निर्णायक संघर्ष का ऐलान — धीरेंद्र झा
दरभंगा,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 16 अगस्त 2026)। भाकपा माले मिथिला जोन की बैठक रविवार को दरभंगा जिला कार्यालय, लहेरियासराय में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता दरभंगा जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, मधुबनी जिला सचिव ध्रुव नारायण कर्ण एवं समस्तीपुर जिला सचिव उमेश कुमार ने संयुक्त रूप से की, जबकि मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने पर्यवेक्षण किया।
बैठक की शुरुआत राज्य कमिटी द्वारा जारी सर्कुलर के सामूहिक पाठ से हुई। इसके बाद दिवंगत साथियों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में खेग्रामस एवं किसान महासभा के सदस्यता अभियान की समीक्षा के साथ पार्टी संगठन को मजबूत करने, कमिटी एवं शाखाओं के विस्तार, पार्टी पत्रिका ‘लोकयुद्ध’ की वार्षिक सदस्यता बढ़ाने तथा फंड संग्रह अभियान को तेज करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में आगामी 20 अगस्त को ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में आयोजित छात्र-युवा संसद की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। नेताओं ने शिक्षा, रोजगार, लोकतांत्रिक अधिकारों और जनसरोकारों के सवालों को लेकर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने तथा छात्र-युवा संसद को बड़ी भागीदारी के साथ सफल बनाने का आह्वान किया।
बैठक को संबोधित करते हुए मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि छात्र-युवाओं के आंदोलन के बाद दलित-गरीबों के सवालों को लेकर राज्यव्यापी अनशन-सत्याग्रह भी संपन्न हुआ है। उन्होंने कहा कि बुलडोजर राज के खिलाफ पीपी एक्ट 1947 के तहत गरीबों के वास-आवास का सवाल प्रमुख मुद्दा बन गया है। आंदोलन के दबाव में सरकार ने बासगीत पर्चा देने की प्रक्रिया शुरू की है, लेकिन गरीब परिवारों को महज डेढ़ डिसमिल जमीन देने से उनकी आवास और आजीविका की समस्या का समाधान नहीं होगा।
धीरेंद्र झा ने कहा कि सरकार द्वारा पांच डिसमिल जमीन देने के वादे से पीछे हटना गरीबों के साथ अन्याय है। उन्होंने हर भूमिहीन परिवार को जमीन तथा पूर्व से बसे परिवारों को बासगीत पर्चा दिलाने के लिए निर्णायक संघर्ष तेज करने की बात कही।
उन्होंने मिथिला क्षेत्र में सूखे और पेयजल संकट की स्थिति पर भी चिंता जताई। बैठक में उत्तर बिहार को सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने, पेयजल की समुचित व्यवस्था करने तथा ग्रामजी कानून के तहत गरीबों को काम उपलब्ध कराने की मांग की गई।
शिक्षा सुधार और रोजगार के सवाल पर चल रहे आंदोलनों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए संगठन ने सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन की व्यवस्था बेहतर बनाने को प्रमुख मुद्दा बनाने का निर्णय लिया। साथ ही 20 अगस्त को मिथिला विश्वविद्यालय में आयोजित छात्र-युवा संसद को सफल बनाने का आह्वान किया गया। बैठक में दलित एवं वंचित समुदायों पर बढ़ते हमलों की भी निंदा की गई।
बैठक में बंदना सिंह, गंगा मंडल, सत्यनारायण पासवान, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, श्याम पंडित, विशंभर कामत, ललन कुमार, दिनेश कुमार, रंजीत राम, ललन पासवान, विनोद कुमार सिंह, अमित कुमार, रौशन कुमार, अभिषेक कुमार, शनिश्चरी देवी, लोकेश राज समेत दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर जिलों के अनेक पार्टी नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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