सावन में झूलन उत्सव से भक्तिमय हुआ मधुबनी, मंदिरों में गूंज रहे भजन-कीर्तन
सावन में झूलन उत्सव से भक्तिमय हुआ मधुबनी, मंदिरों में गूंज रहे भजन-कीर्तन
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
स्टेशन चौक स्थित हनुमान प्रेम मंदिर में भगवान के झूलन कार्यक्रम में उमड़ रहे श्रद्धालु, जिले के कई मंदिरों में धार्मिक उल्लास का माहौल
मधुबनी,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 23 अगस्त, 2026)। श्रावण मास में झूलन उत्सव धार्मिक आस्था, पौराणिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति के प्रति प्रेम का सुंदर प्रतीक माना जाता है। सावन में चारों ओर हरियाली और रिमझिम बारिश के बीच झूला झूलने की परंपरा लोगों को प्रकृति के करीब लाने के साथ-साथ मन में उल्लास और आनंद का संचार करती है।
स्टेशन चौक स्थित हनुमान प्रेम मंदिर के पुजारी पंडित पंकज झा शास्त्री ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ी झूलन परंपरा का विशेष महत्व है। वहीं ब्रज क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा राधा रानी को सावन में झूला झुलाने की परंपरा भी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है।
इसी धार्मिक परंपरा के तहत स्टेशन चौक स्थित हनुमान प्रेम मंदिर में श्रावण मास के अवसर पर भगवान का झूलन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में श्रद्धालु भक्त बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं और भगवान के झूलन दर्शन कर पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
झूलन उत्सव के दौरान मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों से वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मधुबनी जिले के विभिन्न मंदिरों में भी सावन के अवसर पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में आस्था और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है।
श्रावण मास का यह झूलन उत्सव जहां धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का माध्यम है, वहीं बदलते समय में लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और प्रकृति से जोड़ने का संदेश भी देता है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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