तीन सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
तीन सूत्री मांगों को लेकर नगर निगम सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
नियमितीकरण, ठेका प्रथा समाप्त करने और एसीपी/एमएसीपी योजना लागू करने की मांग को लेकर निकाला जुलूस, नगर निगम कार्यालय परिसर में हुई सभा
समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 31 जुलाई 2026 )। बिहार लोकल बॉडीज इम्प्लाइज फेडरेशन एवं बिहार राज्य स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ (ऐक्टू) संयुक्त संघर्ष मोर्चा, समस्तीपुर के बैनर तले नगर निगम के सफाईकर्मी राज्यव्यापी तीन सूत्री मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे।
हड़ताली कर्मियों ने अपने-अपने हाथों में मांगों से संबंधित तख्तियां और बैनर लेकर शहर के विभिन्न मार्गों से जुलूस निकाला। जुलूस नगर निगम कार्यालय परिसर पहुंचा, जहां महासंघ अध्यक्ष राजकुमार राम की अध्यक्षता में एक सभा आयोजित की गई।
सभा को महासंघ के महामंत्री मो. परवेज आलम, सम्मानित अध्यक्ष जीवछ पासवान, श्रमिक नेता उपेन्द्र राय, बिहार राज्य अनुरक्षक संघ के जिला अध्यक्ष जितेन्द्र कुमार कुशवाहा, बिनोद मल्लिक, विक्रम कुमार, अरुण कुमार, पवन राउत समेत कई नेताओं ने संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष सफाईकर्मी मौजूद रहे।
वक्ताओं ने कहा कि नगर निगमों में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अस्थायी कर्मचारी न केवल सफाई व्यवस्था, बल्कि अतिक्रमण हटाने, राजस्व संग्रह, कार्यालयी कार्यों और जनहित योजनाओं के संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक स्थायी सेवा और सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाया है।
संघर्ष मोर्चा की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं :
1. नियमितीकरण एवं सेवा सुरक्षा :
वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, संविदा और अन्य अस्थायी कर्मचारियों की सेवाओं का नियमितीकरण कर उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा और सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
2. ठेका एवं आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त करने की मांग :
नगर निकायों में लागू ठेका और आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर संबंधित कर्मियों को नगर निकाय कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जब तक यह व्यवस्था समाप्त नहीं होती, तब तक कर्मचारियों का वेतन सीधे उनके बैंक खातों में भेजा जाए और "समान कार्य के लिए समान वेतन" के सिद्धांत के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
3. एसीपी/एमएसीपी योजना लागू करने एवं बकाया भुगतान की मांग :
राज्य सरकार के अन्य कर्मचारियों की तरह नगर निकाय कर्मियों को भी एसीपी और एमएसीपी योजना का लाभ दिया जाए तथा लंबित बकाया राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
संघर्ष मोर्चा के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक /सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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