भगत सिंह और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ जसम का 7वां बिहार राज्य सम्मेलन शुरू

भगत सिंह और डॉ. आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ जसम का 7वां बिहार राज्य सम्मेलन शुरू

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
जन संस्कृति मंच के सम्मेलन में फासीवाद के खिलाफ सांस्कृतिक और जनवादी प्रतिरोध को तेज करने का आह्वान, मदन कश्यप ने किया उद्घाटन

‘जन आंदोलन ही मौजूदा चुनौतियों से निपटने का रास्ता’—मदन कश्यप
‘जेनजी आंदोलन ने सत्ता के प्रचार तंत्र को मात दी’—मनोज सिंह

कौशल किशोर ने कहा—फासीवाद के खिलाफ संघर्ष में भगत सिंह हमारे पथप्रदर्शक

समस्तीपुर,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन डिजिटल न्यूज़ डेस्क 26 सितंबर, 2026)। जन संस्कृति मंच (जसम) का 7वां बिहार राज्य सम्मेलन शनिवार को समस्तीपुर कॉलेज सभागार में शुरू हुआ। सम्मेलन की शुरुआत शहीद-ए-आजम भगत सिंह और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण तथा शहीद गीत के साथ हुई। दो दिवसीय सम्मेलन में बिहार के विभिन्न हिस्सों से साहित्यकार, रंगकर्मी, कलाकार, चित्रकार, जनगायक और प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
सम्मेलन के मंच का नाम जनकवि सुरेंद्र प्रसाद के नाम पर और सभागार का नाम जनकवि महेश्वर के नाम पर रखा गया है। वहीं सम्मेलन स्थल का नाम रामचंद्र राय-रामचंद्र आरसी नगर रखा गया है।
सम्मेलन का उद्घाटन प्रसिद्ध जनकवि मदन कश्यप ने किया। उन्होंने कहा कि फासीवादी प्रवृत्तियों का जीवन के हर स्तर पर विरोध जरूरी है। उन्होंने लोकतांत्रिक और जनवादी परंपराओं को मजबूत करने तथा वर्चस्ववादी संस्कृति के खिलाफ लगातार संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों में खतरों को पहचानने और उनसे निपटने का प्रभावी माध्यम जनता का आंदोलन है।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता लखनऊ से पहुंचे जसम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं कवि-आलोचक कौशल किशोर ने कहा कि भारतीय संदर्भ में फासीवाद के खिलाफ संघर्ष के लिए भगत सिंह महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने भगत सिंह के विचारों और उनके संघर्ष को मौजूदा दौर में प्रासंगिक बताते हुए सांस्कृतिक मोर्चे पर सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
छत्तीसगढ़ से पहुंचे जसम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध आलोचक सियाराम शर्मा ने कहा कि उनके अनुसार भारतीय फासीवाद को समझने और उसका मुकाबला करने के लिए जनता की चेतना को प्रगतिशील, वैज्ञानिक और लोकतांत्रिक बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में जन संस्कृति मंच जैसे संगठनों की भूमिका और जिम्मेदारी बढ़ जाती है।
मुख्य अतिथि एवं जसम के राष्ट्रीय महासचिव मनोज सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उनके अनुसार देश में जेनजी आंदोलन ने फासीवादी सत्ता के प्रचार के तरीकों को चुनौती देते हुए लोकतंत्र, संविधान, अभिव्यक्ति की आजादी और प्रगतिशील विचारों के सवाल को सामने रखा है। उन्होंने सड़क के संघर्ष को तेज करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
जसम के समस्तीपुर जिलाध्यक्ष एवं प्रसिद्ध कवि डॉ. प्रभात कुमार ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने कहा कि कलाकारों और लेखकों को आम लोगों के संघर्षों में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने लोकतांत्रिक अधिकारों, स्वतंत्रता, न्याय और बराबरी के लिए चलने वाले संघर्षों में साहित्यकारों और कलाकारों की भागीदारी को जरूरी बताया।
दो दिवसीय राज्य सम्मेलन में डेलीगेट, पर्यवेक्षक और अतिथियों सहित करीब 125 से अधिक रंगकर्मी, साहित्यकार, कलाकार, चित्रकार और जनगायक शामिल हुए हैं।
 उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि-कथाकार एवं आलोचक जितेंद्र कुमार, कवि-आलोचक प्रो. सुरेंद्र प्रसाद सुमन, बुद्धिजीवी प्रो. संतोष कुमार और उर्दू के प्रसिद्ध साहित्यकार प्रो. अहमद सगीर की अध्यक्ष मंडली ने की।
सम्मेलन के मंच पर वरिष्ठ रंगकर्मी-जनगायक कृष्ण कुमार निर्मोही, वरिष्ठ रंगकर्मी अनिल अंशुमान, प्रमोद यादव, वरिष्ठ रंग-समीक्षक रामबाबू आर्य और तबस्सुम फरहाना सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे। उद्घाटन सत्र का संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी-कवि दीपक सिन्हा ने किया। इस दौरान उनके नए काव्य-संग्रह ‘ब्लैक स्पॉट’ का लोकार्पण भी किया गया।
सम्मेलन स्थल पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ आर्ट गैलरी और पुस्तक स्टॉल भी लगाया गया है। आर्ट गैलरी में जनवादी कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं, जबकि पुस्तक स्टॉल पर प्रगतिशील साहित्य उपलब्ध कराया गया है।
उद्घाटन सत्र के बाद शाम को काव्य-गोष्ठी सह मुशायरे का आयोजन किया गया, जिसका संचालन वरिष्ठ कवि शंभु भारतीय ने किया। बेगूसराय की प्रसिद्ध टीम रंगनायक-द लेफ्ट थियेटर ने नाटक प्रस्तुत किया। भोजपुर और मिथिला क्षेत्र के जनगायकों ने भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं।
इसके अलावा मधुबनी की जनगायन टीम नवतुरिया, रोहतास की ललकार और आरा की युवा टीम युवानीति की प्रस्तुतियां भी कार्यक्रम का हिस्सा रहीं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का संचालन प्रमोद यादव, विजय सिन्हा और पुनीत पाठक कर रहे हैं।
सम्मेलन के अगले सत्रों में संगठनात्मक एवं सांस्कृतिक मुद्दों पर चर्चा के साथ आगामी कार्ययोजना पर विचार किया जाएगा। सम्मेलन जारी है।
उक्त जानकारी शनिवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से भाकपा माले के जिला स्थायी समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने दी।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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