आरटीआई में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर सफाई मद में बड़े घोटाले की आशंका, उच्चस्तरीय जांच की मांग

आरटीआई में स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने पर सफाई मद में बड़े घोटाले की आशंका, उच्चस्तरीय जांच की मांग

भाकपा माले नेता सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने नगर परिषद की सफाई व्यवस्था, मजदूरों की संख्या और खर्च का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की उठाई मांग

ताजपुर/समस्तीपुर,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 8 सितंबर 2026)। ताजपुर नगर परिषद में सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जा रहे सरकारी धन में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई गई है। भाकपा माले के ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर संभावित अनियमितताओं में शामिल लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि उन्होंने नगर परिषद ताजपुर के कार्यपालक पदाधिकारी से सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत सफाई कर्मियों की वास्तविक संख्या, उनके नाम-पते तथा सफाई मद में खर्च की गई राशि सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां मांगी थीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित समय सीमा के बावजूद मांगी गई सूचनाओं का स्पष्ट और बिंदुवार जवाब उपलब्ध नहीं कराया गया। संबंधित अधिकारियों की ओर से यह बताया गया कि ताजपुर नगर परिषद में आउटसोर्सिंग एजेंसी RES Cleaning Solutions Pvt. Ltd. के माध्यम से सफाई कार्य कराया जाता है और एजेंसी ही सफाई कर्मियों का चयन, मानदेय भुगतान तथा कर्मियों की संख्या में कमी-बढ़ोतरी करती है।
सुरेंद्र प्रसाद सिंह का कहना है कि यह जवाब आरटीआई के तहत मांगी गई वास्तविक और विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने के बजाय सामान्य प्रकृति का है। उन्होंने सवाल उठाया कि नगर परिषद क्षेत्र में वास्तव में कितने सफाई कर्मी कार्यरत हैं, उन पर कितना खर्च हो रहा है और एजेंसी को किस आधार पर भुगतान किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि एजेंसी से संबंधित उपलब्ध ऑनलाइन जानकारी की भी जांच की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि एजेंसी की क्षमता, वित्तीय स्थिति और उसे दिए गए कार्य की राशि के बीच अंतर की स्वतंत्र जांच आवश्यक है। उन्होंने करीब 30 लाख रुपये प्रतिमाह के सफाई कार्य से जुड़े ठेके और एजेंसी की वित्तीय क्षमता की जांच कराने की मांग की है।
भाकपा माले नेता ने कहा कि सूचना उपलब्ध नहीं कराए जाने से सफाई मद में सरकारी धन के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि नगर परिषद में सभी कार्य नियमों और पारदर्शिता के साथ हो रहे हैं, तो मजदूरों की संख्या, भुगतान और खर्च से संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पर होने वाले खर्च, कार्यरत मजदूरों की वास्तविक संख्या, उनके भुगतान तथा अन्य संबंधित मदों का पूरा विवरण जनता के सामने आना चाहिए।
सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने जिला प्रशासन, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा राज्य सूचना आयोग से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने आरटीआई के तहत मांगी गई सभी सूचनाएं अविलंब उपलब्ध कराने और सफाई मद में संभावित वित्तीय अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों और वित्तीय अनियमितता की आशंकाओं की स्वतंत्र जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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