आईजीआईएमएस में मरीजों की बारी पर बड़ा सवाल! घंटों इंतजार, फिर भी नहीं आया नंबर—‘पैरवी’ वालों को मिल रही तरजीह?
आईजीआईएमएस में मरीजों की बारी पर बड़ा सवाल! घंटों इंतजार, फिर भी नहीं आया नंबर—‘पैरवी’ वालों को मिल रही तरजीह?
जनक्रांति विशेष रिपोर्ट
सुबह 9 बजे से कतार में खड़े मरीज दोपहर तक करते रहे इंतजार, 2 से ढाई घंटे में महज 40–50 मरीजों की जांच का दावा; व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
पटना,बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन कार्यालय न्यूज डेस्क 10 सितंबर 2026 |
पटना के प्रतिष्ठित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में मरीजों को इलाज और डॉक्टर से दिखाने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। गुरुवार को अस्पताल में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जहां मरीज सुबह करीब 9 बजे से नंबर लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कई मरीजों को डॉक्टर से दिखाने का मौका नहीं मिला।
मरीजों का कहना है कि डॉक्टर के करीब 10 बजे बैठने के बावजूद 2 से ढाई घंटे में महज 40–50 मरीजों को ही देखा गया। ऐसे में दूर-दराज से इलाज कराने पहुंचे मरीजों और उनके परिजनों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
सीनियर डॉक्टर की ड्यूटी, फिर भी मरीजों की रफ्तार इतनी धीमी क्यों?
बताया गया कि उस दिन ड्यूटी पर डॉ. अरशद एजाजी मौजूद थे। वे वरिष्ठ चिकित्सक बताए जाते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद क्या उनके अधीन पर्याप्त कनीय चिकित्सकों या अतिरिक्त चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई, ताकि मरीजों को समय पर देखा जा सके?
‘पैरवी’ वाले मरीजों पर मेहरबानी, आम मरीज कतार में?
सबसे गंभीर आरोप मरीजों और उनके परिजनों की ओर से यह लगाया जा रहा है कि जिन मरीजों की पहुंच या पैरवी होती है, वे कथित तौर पर बिना नंबर लगाए ही डॉक्टर को दिखाकर वापस चले जाते हैं, जबकि सामान्य मरीज सुबह से नंबर लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते रहते हैं।
यदि यह आरोप सही है तो यह अस्पताल की मरीज व्यवस्था और समान उपचार के सिद्धांत पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
सुबह से शाम तक इंतजार… आखिर कब बदलेगी व्यवस्था?
इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे मरीजों के लिए घंटों कतार में खड़ा रहना किसी परीक्षा से कम नहीं है। बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज लंबे इंतजार के कारण परेशान दिखाई दिए।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या आईजीआईएमएस प्रशासन को मरीजों की इस परेशानी की जानकारी है? यदि है, तो व्यवस्था सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन द्वारा अस्पताल प्रशासन से मांग की जाती है कि मरीजों को नंबर के आधार पर पारदर्शी और समान रूप से चिकित्सकीय सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा बिना नंबर या विशेष पहुंच के मरीजों को प्राथमिकता दिए जाने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
नोट: उपरोक्त समाचार में लगाए गए अनियमितता/पैरवी संबंधी आरोप मरीजों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बताए अनुभव पर आधारित हैं। इन आरोपों पर आईजीआईएमएस प्रशासन या संबंधित चिकित्सक का आधिकारिक पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
समस्तीपुर जधक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

Comments