हुनर से संवरेगा भविष्य: जूट हस्तशिल्प प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनेंगी समस्तीपुर की महिलाएं
हुनर से संवरेगा भविष्य: जूट हस्तशिल्प प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बनेंगी समस्तीपुर की महिलाएं
जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट
नाबार्ड प्रायोजित 20 दिवसीय एलईडीपी प्रशिक्षण का शुभारंभ, 90 महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार का नया अवसर
समस्तीपुर,बिहार(जनक्रांति हिन्दी न्यूज़ बुलेटिन कार्यालय न्यूज़ डेस्क 1 सितम्बर, 2026)। जिले के स्वयं सहायता समूह भवन, परतापुर में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा प्रायोजित आजीविका एवं उद्यम विकास कार्यक्रम (एलईडीपी) के तहत अनमोल उपहार सेवा फाउंडेशन (औसेफा) के तत्वावधान में महिलाओं के लिए 20 दिवसीय जूट के रेशे से हस्तशिल्प निर्माण एवं स्वरोजगार कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन मानवाधिकार समिति के माननीय अध्यक्ष सह बिहार विधान परिषद के माननीय सदस्य डॉ. तरुण कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर डॉ. तरुण कुमार ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जूट के रेशे से बने गुलदस्ते, आकर्षक बैग, टोकरियां, मैट एवं विभिन्न सजावटी सामानों की बाजार में काफी मांग है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथों में हुनर आने से उनके जीवन में आर्थिक और सामाजिक बदलाव संभव है।
उन्होंने कहा, “एक महिला जब पढ़ती है तो एक परिवार शिक्षित और सशक्त होता है, लेकिन जब एक महिला हुनरमंद बनकर कमाने लगती है तो पूरा समाज और देश आगे बढ़ता है।”
उन्होंने महिलाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जूट केवल एक उत्पाद नहीं, बल्कि उनकी तरक्की की डोर है। आज सीखा गया छोटा-सा हुनर भविष्य में बड़े व्यवसाय का आधार बन सकता है। यदि हाथों में हुनर और आगे बढ़ने का संकल्प हो, तो महिलाएं अपनी अलग पहचान बनाते हुए ऊंचे मुकाम तक पहुंच सकती हैं।
नाबार्ड के डीडीएम अभिनव कृष्ण ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि 20 दिनों तक चलने वाला यह प्रशिक्षण महिलाओं के लिए नए अवसरों का द्वार खोलेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रज्वलित हुई इस प्रशिक्षण की ज्योति केवल समस्तीपुर या बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि महिलाओं द्वारा तैयार किए गए जूट उत्पादों को अन्य राज्यों तक भी पहचान दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि नाबार्ड के राष्ट्रीय स्तर के मेलों में भी महिलाओं द्वारा निर्मित जूट उत्पादों के विपणन की संभावनाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जीविका के डीपीएम विक्रांत शंकर सिंह ने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को इस हुनर को अपनाकर स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
वहीं, एलडीएम कार्यालय के प्रबंधक उदय शंकर मल ने बैंकिंग एवं विभिन्न आर्थिक योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बेहतर कार्य और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने वाले लोगों को बैंक हरसंभव आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए तैयार है।
कार्यक्रम का संचालन औसेफा के सचिव ललित कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा कुल 90 महिलाओं को तीन अलग-अलग बैचों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और उनके सतत आर्थिक विकास के लिए संस्था हरसंभव सहयोग करेगी।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन संस्था की परियोजना निदेशक प्रेरणा कुमारी ने किया।
मौके पर प्रशिक्षक धर्मेंद्र राम, शिवनाथ महतो, मो. शमीम, वंदना कुमारी, मिंटू कुमारी सहित स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं।
प्रशिक्षण से निखरेगी नारी शक्ति की तकदीर, हुनर और मेहनत से बदलेगी हाथों की लकीर।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/सम्पादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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