रावण वध के साथ हर्षोल्लास के बीच संपन्न हुआ दशहरा पर्व, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश

रावण वध के साथ हर्षोल्लास के बीच संपन्न हुआ दशहरा पर्व, बुराई पर अच्छाई की जीत का दिया संदेश

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
जय श्रीराम के जयघोष से गूंजा माहौल, रावण के पुतले का दहन देखने उमड़ी लोगों की भीड़

समस्तीपुर, बिहार जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन डिजिटल न्यूज डेस्क 20 अक्टूबर, 2026)। असत्य पर सत्य, अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक दशहरा पर्व रावण वध के साथ हर्षोल्लास एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर आयोजित रावण वध कार्यक्रम को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। जैसे ही रावण के पुतले का दहन हुआ, पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। आतिशबाजी और उत्साह के बीच लोगों ने विजयादशमी का पर्व धूमधाम से मनाया।
दशहरा पर्व को लेकर लोगों में सुबह से ही खासा उत्साह देखने को मिला। शाम होते ही आयोजन स्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी रावण वध का रोमांचक दृश्य देखने के लिए उत्सुक नजर आए। रावण के पुतले का दहन होते ही उपस्थित लोगों ने तालियों और जयघोष के साथ इस ऐतिहासिक प्रसंग का स्वागत किया।

बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है दशहरा

दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन में सत्य, न्याय, सदाचार और नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देने वाला उत्सव भी है। भगवान श्रीराम द्वारा रावण का वध किए जाने की परंपरा हमें संदेश देती है कि अहंकार, अन्याय और बुराई चाहे कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।
इस पर्व के माध्यम से लोगों ने समाज में प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और सकारात्मक विचारों को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। रावण वध के साथ ही विजयादशमी का आयोजन उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हो गया।

संदेश : दशहरा हमें सिखाता है कि जीवन में कितनी भी कठिनाइयां आएं, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने वाले की अंततः विजय होती है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/संपादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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