बारिश ने फिर खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल, समस्तीपुर शहर के दर्जनों मोहल्ले जलमग्न

बारिश ने फिर खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल, समस्तीपुर शहर के दर्जनों मोहल्ले जलमग्न

जनक्रांति कार्यालय रिपोर्ट 
विवेक-विहार से काशीपुर और आदर्शनगर तक सड़कों पर पानी, आवागमन प्रभावित; भाकपा माले ने डीएम से तत्काल जलनिकासी और नाला-सड़क निर्माण की जांच की मांग की

समस्तीपुर, बिहार (जनक्रांति हिन्दी न्यूज बुलेटिन डिजिटल न्यूज डेस्क 8 अक्टूबर 2026)। गत रात्रि से शुरू हुई बारिश के बाद समस्तीपुर शहर के कई प्रमुख मोहल्ले एक बार फिर जलजमाव की चपेट में आ गए। बारिश का पानी सड़कों पर जमा हो जाने से शहर के विवेक-विहार, काशीपुर, आदर्शनगर, आजादनगर, बारह पत्थर, सरोजनी गली, कुशवाहा रोड समेत दर्जनों मोहल्लों की सड़कें जलमग्न हो गई हैं।
सड़कों पर पानी जमा रहने के कारण आम लोगों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जलजमाव के कारण सड़क और नाले का अंतर तक स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा है, जिससे दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के बाद शहर में जलजमाव की समस्या नई नहीं है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण थोड़ी देर की बारिश के बाद भी कई इलाकों में पानी जमा हो जाता है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने में परेशानी होती है।
इस मामले को लेकर भाकपा माले जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने जिलाधिकारी से तत्काल प्रभाव से जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। उन्होंने हाल ही में जलनिकासी के उद्देश्य से कराए गए नाला एवं सड़क निर्माण कार्य की जांच कराने की भी मांग की है।
सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यदि जलनिकासी के लिए निर्माण कार्य कराया गया है, इसके बावजूद बारिश के बाद शहर के कई मोहल्ले जलमग्न हो रहे हैं, तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता और उसकी उपयोगिता की जांच जरूरी है। उन्होंने जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी से की है।
अब देखना होगा कि शहर में लगातार सामने आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर जिला प्रशासन कितनी गंभीरता से कदम उठाता है और प्रभावित मोहल्लों में तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कब तक सुनिश्चित की जाती है।
समस्तीपुर जनक्रांति प्रधान कार्यालय से प्रकाशक/संपादक राजेश कुमार वर्मा द्वारा प्रकाशित व प्रसारित।

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