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डॉ.देवी राम के माता–पिता की पुण्य स्मृति में स्थापित ‘सूरज राम गुलाब देवी मेमोरियल ट्रस्ट’ के सहयोग से गरीबों के बीच किया गया कंबल वितरण

चोटी, दाढ़ी और सत्ता : नज़रुल की चेतावनी को समझिए ओवैसी–योगी के दौर में - जब धर्म पहचान बने और इंसान गुम हो जाए

नेता वोट के समय जनता को “मालिक” कहते हैं और सत्ता में आते ही उसे “भीड़” समझने लगते हैं।

"जल सूख रहा है, जंगल कट रहे हैं, ज़मीन बिक रही है और जानवर मर रहे हैं—कलेक्टर सो रहे हैं या सिस्टम बिक चुका है?”

जब एक मुख्यमंत्री ‘राज्य’ बनकर खड़ी हो जाए—तो ED, मोदी–शाह और केंद्र की ताक़त की असली औक़ात सामने आ जाती है” :एडवोकेट मोहम्मद बैरम रकी

"जब ज्ञान बिकने लगे, इलाज लूट बन जाए, न्याय सौदा हो जाए—तो समझ लो सभ्यता मर चुकी है”

जीर्ण-शीर्ण व्यवस्था को समाप्त कर नये स्तर से विचार कर स्वतंत्रता सेनानी पेंशन की सुविधा समान रूप से सभी सेनानियों को देने की किया मांग जनक्रांति