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जब कलम सत्ता से नहीं डरती—तब साम्राज्य नंगे हो जाते हैं काश भारत में भी जूलियन असांजे और जूली के. ब्राउन होते

स्व रचित रचना : अनहद धुन.....शरीर बढ़ते बढ़ते लम्बा बृक्ष ताड़ के समान हुआ घटते घटते लगा मौत के आगोश में शून्य हुआ 🖋️प्रमोद कुमार सिन्हा, बाघी

इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक ने लॉन्च की ‘स्वस्थ जीवन कवच’ स्वास्थ्य बीमा योजना

नए बने चार-लेबर कोड के खिलाफ केंद्रीय ट्रेड यूनियनों द्वारा आहुत आम हड़ताल को दिया सक्रिय नैतिक समर्थन

मोदी नीति से सावधान कायस्थ हिन्दू सिक्ख बनिए भूमिहार राजपूत करणी सेना बजरंग दल स्वर्ण कटेगा तभी घटेगा भविष्यवाणी

ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे इम्प्लांइज यूनियन क़े द्वारा ट्रेड यूनियन के आम हड़ताल के नैतिक समर्थन में किया रैली

इंडसलैंड बैंक पर ऋण उपभोक्ता ने लगाया मानहानि का आरोप, मामला बिना ई. एम. आई बकाया वाहन को सीज करने की कोशिश करने का जांच की मांग

ग़ज़ल :प्रमोद जहाँ है इश्क की जुबां पर तेरा ही नाम है दिल मेरा तोड़कर तूने अच्छा नहीं किया नाजुक दिल शीशे का तूने चकनाचूर किया

नगर निगम बेगूसराय के साथ ही जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों पर जिलाधिकारी का आदेश बेअसर

किसान-मजदूर हितैषी अधिकारों में कटौती बर्दाश्त नहीं, 12 फरवरी को आम हड़ताल होगा ऐतिहासिक- सुरेंद्र

छायावादी रचना : जमाना बदल गया,सुहाना बदल गया, मौसम बदल गये,फसाना बदल गया..?